आदर्नीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के निर्देशानुसार 21 दिन (यानी 14 अप्रैल) तक देश में LockDown किया गया है। आप सभी नागरिकों से निवेदन है कि अपने घरों में रहे, बाहर बिल्कुल ना निकले और अपने आस पास भी जागरूकता फैलाये !!!

पब्लिक प्रोविडेंट फंड क्या हैं - PPF अकाउंट के फायदे और इसके नियम? पीपीएफ और ईपीएफ में अंतर

हेलो दोस्तों, How to Open PPF Account in Hindi - बैंकिंग क्षेत्र में पीपीएफ अकाउंट के बारे में आप अक्सर सुनते होंगे। जब टैक्स सेविंग की बात आती है तो पीपीएफ अकाउंट के बारेे में सभी के मन में जरूर ख्याल आता है। लेकिन पीपीएफ यानी पब्लिक प्रोविडेंट फंड अकाउंट (Public Provident Fund Account) के बारे में ज्यादा लोगों को जानकारी नहीं होती हैं। जिस कारण लोग पीपीएफ अकाउंट में अपना निवेश नहीं करते।
पब्लिक प्रोविडेंट फंड क्या हैं - PPF अकाउंट के बारे में पूरी जानकारी
क्या आपके भी मन में पीपीएफ अकाउंट को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। क्या आपको पीपीएफ अकाउंट के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। दरअसल पीपीएफ अकाउंट, बचत के उद्देश्य से निवेश करने का सबसे अच्छा और कर मुक्त यानी टैक्स फ्री योजना है। इस पोस्ट में पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) अकाउंट के बारे में हम पूरे विस्तार से जानकारी बता रहे हैं। उम्मीद है पोस्ट पूरा पढ़ने के बाद आपको पीपीएफ अकाउंट के बारे में पूरी जानकारी हो जाएगी।

पीपीएफ क्या हैं? - What is PPF in Hindi

पीपीएफ (PPF) का पूरा नाम पब्लिक प्रोविडेंट फंड (Public Provident Fund) होता है। यह एक प्रकार का Investment Account होता है जो पूरी तरह से Tax Free होता है। इसे सेविंग स्कीम (Saving Scheme) या सेविंग अकाउंट (Saving Account) भी कहा जाता है। इस अकाउंट में एक निश्चित अवधि (जैसे - 10 वर्ष, 15 वर्ष, 20 वर्ष, आदि) के लिए पैसों का निवेश किया जाता है। तथा अवधि पूरी होने पर निवेशकरता को पैसे के साथ कुछ बयाज भी मिल जाता है। जिस पर टैक्स लागू नहीं होता है।

पब्लिक प्रोविडेंट फंड को हिंदी में सार्वजनिक भविष्य निधि कहा जाता है। यह एक प्रकार का बचत जमा योजना है, जिसे वित्त मंत्रालय द्वारा 1968 में शुरू की गई थी। इसे शुरू करने का मुख्य उद्देश्य लोगों में बचत (Savings) की भावना को बढ़ाना था। और इसलिए इसमें टैक्स से बचत (Tax Free) का भी लाभ दिया गया था। यह एक तरह की भविष्य जमा बचत पूंजी है इसलिए इसका नाम सार्वजनिक भविष्य निधि रखा गया।

भारत के सभी नागरिक, पीपीएफ के तहत अपने पैसों को एक निश्चित समय के लिए जमा कर सकता है और उस पर ब्याज पा सकता है। आपको बता दें की पीपीएफ, सरकार की तरफ से दी जाने वाली सेवा है। इसलिए इसमें किसी प्रकार की कोई जोखिम का खतरा भी नहीं रहता है। यह एक लंबी अवधि का निवेश है। इसमें हर प्रकार के लोग अपनी राशि जमा कर सकते हैं।

पब्लिक प्रोविडेंट फंड अकाउंट भारत के किसी भी डाकघर, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की किसी भी शाखा तथा किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक जैसे - बैंक ऑफ बड़ौदा, आईसीआईसीआई बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, इलाहाबाद बैंक, इत्यादि में खोला जा सकता है। पीपीएफ अकाउंट खोलने की प्रक्रिया बहुत ही आसान है। और अब आप इसे ऑनलाइन भी खोल सकते हैं। इसके अलावा पीपीएफ अकाउंट को एक बैंक से दूसरे बैंक में हस्तांतरित भी किया जा सकता है।

 Read More 
● चेक बाउंस होने पर क्या करें?

पीपीएफ अकाउंट के फायदे? - Benefits of PPF Account in Hindi

1) पीपीएफ अकाउंट एक प्रकार की बचत निवेश योजना है। इसकी मदद से हम लंबी अवधि के लिए बचत में निवेश कर सकते हैं।
2) पीपीएफ अकाउंट की मूल परिपक्वता (Maturity) अवधि 15 वर्ष की होती है और इसे पांच वर्ष की ब्लॉक में बढ़ाया जा सकता है।
3) पीपीएफ अकाउंट की आंशिक निकासी पूरी तरह से टैक्स फ्री होती है। इसके सभी भुगतान धारा 10 (11) के तहत कर से मुक्त है।
4) इस बचत योजना से लोन की सुविधा भी खाताधारक को प्रदान की जाती है। इसमें लोन की सुविधा खाते के खुलवाने के तीसरे वित्तीय वर्ष के दौरान प्राप्त किया जा सकता है।
5) यदि पीपीएफ खाताधारक वास्तविक अवधि के दौरान कंट्रीब्यूशन मोड का चुनाव करता है। तो वह वास्तविक अवधि की शुरुआत में खाते में रखी गई राशि का 60% तक वापस ले सकता है।
6) यदि खाताधारक वास्तविक अवधि के दौरान Without Contribution Mode को चुनता है तो वह जितना चाहे उतने राशि की निकासी कर सकता है।
7) लेकिन खाताधारक को प्रतिवर्ष केवल एक ही निकासी की अनुमति है। ब्याज पर फायदा प्राप्त करने के लिए बैलेंस मेंटेन करना जरूरी है।
8) पीपीएफ अकाउंट में योगदान प्रति माह के 5 तारिक तक जरूर कर दे। क्योंकि पीपीएफ खाते में ब्याज हर महीने के पांचवी तारीख को जोड़ती है। इसलिए अगर आप महीने के 5 तारीख के बाद पैसे अकाउंट में जमा करते हैं तो आपको ब्याज का लाभ नहीं मिलेगा।
9) पीपीएफ अकाउंट की अवधि 15 साल की होती है लेकिन खाताधारक चाहे तो 5 साल या उससे अधिक साल के लिए अपने पीपीएफ खाते की अवधि बढ़ा सकता है। इसकी अनुमति दी जाती है।

पीपीएफ अकाउंट के नियम? - PPF Account Rules 2020

पब्लिक प्रोविडेंट फंड एक बहुत ही बेहतर बचत निवेश योजना है। और इस योजना का लाभ सभी व्यक्ति को उठाना चाहिए। लेकिन पीपीएफ अकाउंट के कुछ नियम और रूल्स बनाए गए हैं जिसे पूरा करना आवश्यक है। अगर आप पीपीएफ अकाउंट खुलवाना चाह रहे हैं तो पहले आपको इसके नियम जरूर पता होनी चाहिए। अगर आपको पीपीएफ अकाउंट के Rules नहीं पता है, तो हो सकता है आपका पीपीएफ अकाउंट ही ना खोला जाए, या अगर खुल गई है तो बीच में पेनाल्टी के रूप में दंड भी दिया जा सकता है। तो चलिए हम इसके नियम क्या है? यह जान लेते हैं :-

1) इसमें निवेश की सीमाएं रखी गई है जो कि न्यूनतम ₹500 और अधिकतम ₹1,50,000 रुपए है।
2) इसमें खाते की अवधि 15 वर्ष की होती है। खाताधारक चाहे तो बाद में अपने अनुसार 5 साल या उससे अधिक अवधि बढ़ा सकता है।
3) एक व्यक्ति केवल एक ही पीपीएफ अकाउंट खोल सकता है।
4) पीपीएफ अकाउंट में योगदान वर्ष में न्यूनतम एक बार और अधिकतम 12 बार किया जा सकता है।
5) मच्योरिटी के बाद पीपीएफ खाता पांच-पांच वर्ष के अंतराल में इसकी अवधि बढ़ाया जा सकता है।
6) खाताधारक चाहे तो अपने पीपीएफ अकाउंट को एक बैंक से दूसरे बैंक हस्तांतरित (Transfer) कर सकता है।
7) पीपीएफ खाते में मच्योरिटी के बाद प्राप्त करने वाली राशि पूरी तरह से टैक्स फ्री होती है।
8) पीपीएफ अकाउंट पर खाताधारक को 7.6% ब्याज तर मिलती है।
9) इसमें लोन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। खाताधारक चाहे तो अपने पीपीएफ खाते से लोन भी ले सकता है।
10) पीपीएफ अकाउंट से 3 साल बाद और 6 साल तक लोन लिया जा सकता है।
11) इसमें खाताधारक का जो भी राशि जमा है उसका केवल 25% ही लोन के रूप में दी जाएगी।
12) इसमें 6 साल के बाद खाताधारक को आंशिक निकासी की सुविधा प्रदान की जाती है। इसमें 6 साल तक लोन की सुविधा दी जाती है। और उसके बाद 7वीं साल से खाताधारक चाहे तो आंशिक निकासी कर सकता है।

पीपीएफ अकाउंट के लिए पात्रता? - Eligibility Criteria for Opening PPF Account in Hindi

पीपीएफ यानी पब्लिक प्रोविडेंट फंड अकाउंट खुलवाने की प्रक्रिया तो बहुत आसान है पर इसे खुलवाने के लिए कुछ पात्रता (Eligibility) भी होती है। जिसे व्यक्ति को पूरा करना जरूरी है। वह पात्रता निम्नलिखित हैं :-

1) व्यक्ति भारत का नागरिक होना चाहिए।
2) व्यक्ति बालिक हो, यानी 18 वर्ष या इससे अधिक का होना चाहिए।
3) इसमें नाबालिक यानी 18 वर्ष से कम उम्र वाले बच्चों का भी अकाउंट खोला जा सकता है। परंतु उसके अभिभावक के रूप में बच्चे के माता-पिता का होना अनिवार्य है।
4) एक व्यक्ति केवल एक ही पीपीएफ अकाउंट रख सकता है।
5) NRI पीपीएफ अकाउंट की सुविधा का लाभ नहीं उठा सकते। लेकिन पीपीएफ अकाउंट खुलवाने के बाद अगर देश से बाहर रहता है तो वह अपने पीपीएफ अकाउंट को निश्चित समय सीमा तक पूरा कर सकता है। आर मैच्योरिटी के समय पूरा पैसा प्राप्त कर सकता है।
6) HUF (हिंदू अविभाजित परिवार) पीपीएफ अकाउंट सुविधा का लाभ नहीं उठा सकते। यह कानून सरकार द्वारा सन् 2005 में लागू किया गया।
7) इस बचत योजना में न्यूनतम वार्षिक राशि ₹500 और अधिकतम वार्षिक राशि ₹1,50,000 तक जमा करवाए जा सकते हैं।
8) अगर आवेदक के द्वारा न्यूनतम राशि से कम का योगदान किया जाता है, तो ₹50 का दंड देना पड़ता है।

 Read More 
बिमा (Insurance)  क्या हैं?
जीवन बिमा (Life Insurance)  क्या हैं?
मोटर बिमा (Vehicle Insurance)  क्या हैं?



पीपीएफ और ईपीएफ में अंतर - Difference Between PPF & EPF

PPF EPF
पीपीएफ का पूरा नाम Public Provident Fund होता हैं। ईपीएफ का पूरा नाम Employee Provident Fund होता हैं।
पीपीएफ अकाउंट भारत का कोई भी व्यक्ति खुलवा सकता हैं। ईपीएफ अकाउंट केवल नौकरी पेशा व्यक्ति का ही खुलता हैं।
पीपीएफ अकाउंट व्यक्ति को स्वंय खुलवाना होता हैं। ईपीएफ अकाउंट कंपनी द्वारा खोल दिया जाता हैं।
पीपीएफ अकाउंट में व्यक्ति को स्वंय पैसा जमा करना होता हैं। ईपीएफ अकाउंट में कंपनी द्वारा व्यक्ति के वेतन का कुछ % स्वतः जमा हो जाता हैं।
पीपीएफ अकाउंट में केवल व्यक्ति का पैसा जमा होता हैं। ईपीएफ अकाउंट में कंपनी भी कुछ पैसे अपनी ओर से जमा कराती हैं।
इसमें 15 वर्ष का लॉकिंग पीरियड होता हैं। रिटायरमेंट या नौकरी से इस्तीफा देने के बाद लॉकिंग पीरियड समाप्त होता हैं।
जमा राशी निकलने पर 80C के अंतर्गत छूट मिलती हैं। और मेच्योरिटी राशी पर कोई टैक्स नहीं लगता। 5 वर्ष से पहले निकासी पर टैक्स लगती हैं। अन्यथा 80C के अंतर्गत छुट हैं।
8.70% तक की ब्याज दर। (सरकार द्वारा बदला जा सकता हैं।) 8.75% की ब्याज दर। (सरकार द्वारा या ईपीएफ संगठन द्वारा बदला जा सकता हैं।)
जमा राशी का 50% तक लोन मिल सकता हैं। इसमें ईपीएफ संगठन द्वारा तय किया जाता है, कि किसे कितना लोन देना हैं।
इसमें 7वीं साल या उसके बाद से कुछ आंशिक निकासी कर सकते हैं। एक साल बाद, जरूरत पढने पर दस्तावेज दिखाकर 70 प्रतिशत तक की निकासी कर सकते हैं।
इसे बैंक या डाक घर से खोला जा सकता हैं। इसे खोलने के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं होती हैं। कंपनी द्वारा स्वंय ही खोल दिया जाता हैं।


पीपीएफ अकाउंट खोलने हेतु जरूरी दस्तावेज - Documents Required for PPF Account

1) पहचान प्रमाण पत्र (Proof of Identity)
      ● Aadhar Card
      ● Voter ID Card
      ● Ration Card
      ● Driving Licence
      ● Passport
      ● Government Employee Card
      ● Arm's Licence
      ● Pension Card
      ● Bank Passbook Attested By Bank Manager with Bank Stamp Seal.

2) पता प्रमाण पत्र (Proof of Address) 
      ● Aadhar Card
      ● Voter ID Card
      ● Ration Card
      ● Driving Licence
      ● Passport
      ● Post Office Passbook जिसमे Address लिखी हुयी हो।
      ● सरकार द्वारा जारी किया गया निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate).
      ● राज्य सरकार द्वारा जारी किया गया निवास प्रमाण पत्र
      ● Property Registration Document.
      ● Electricity Bill / Water Bill / Landline Telephone Bill / Gas Bill.
      ● Bank Passbook Attested By Bank Manager with Bank Stamp Seal.

3) जन्म तिथि प्रमाण पत्र (Proof of Date of Birth) (18 वर्ष से कम उम्र)
      ● Aadhar Card.
      ● Voter ID Card.
      ● Matriculation Certificate or Mark sheet.
      ● Driving Licence.
      ● Passport.
      ● Birth Certificate Issued by Municipal Authority.
      ● सरकार द्वारा जारी किया गया Domicile Certificate.
      ● Marriage Registrar द्वारा जारी किया गया Marriage Certificate.
4) बैंक अकाउंट स्टेटमेंट
5) हस्ताक्षित चेक
6) आवेदक का पासपोर्ट साइज़ फोटो
7) इसके अलावा बैंक द्वारा निर्देशित विशेष दस्तावेज

पीपीएफ अकाउंट कैसे खुलवाए - How to Open PPF Account

पीपीएफ अकाउंट एक प्रकार की सेविंग इन्वेस्टमेंट स्कीम है। इसलिए इस योजना का लाभ सभी व्यक्ति को जरूर उठानी चाहिए। पीपीएफ अकाउंट खुलवाना बहुत ही आसान है। इसे खुलवाने की प्रक्रिया बहुत आसान और सरल होती है। इसे ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यम से खोला जा सकता है। कैसे? चलिए दोनों माध्यम को डिटेल में समझते हैं।

ऑफलाइन (Offline) पीपीएफ अकाउंट कैसे खोलें?

1) पीपीएफ अकाउंट ऑफलाइन के माध्यम से खुलवाने के लिए आपको सबसे पहले अपने नजदीकी किसी राष्ट्रकृत बैंक की शाखा या पोस्ट ऑफिस में जाना है।
2) उसके बाद वहां से पीपीएफ अकाउंट आवेदन फॉर्म प्राप्त करना है।
3) अब फॉर्म में पूछी गई सभी जानकारी अपने दस्तावेज के अनुसार बिल्कुल सही सही भरना है।
4) उसके बाद फॉर्म के साथ अपने सभी सम्बंधित दस्तावेजों की फोटोकॉपी संकलन करें।
5) और उसके बाद उसे अपनी बैंक या पोस्ट ऑफिस में जमा करा दीजिए।
6) जिसके बाद बैंक अधिकारियों द्वारा सभी दस्तावेज और फॉर्म की जांच करने के बाद आवेदक की पीपीएफ अकाउंट खोल दी जाती है।

ऑनलाइन (Online) पीपीएफ अकाउंट कैसे खोलें?

1) बैंक या पोस्ट ऑफिस द्वारा पीपीएफ अकाउंट ऑनलाइन खोलने की सुविधा प्रदान की गई है। अगर आप अपने नजदीकी शाखा में नहीं जा सकती तो आप ऑनलाइन भी इस अकाउंट को आसानी से खुलवा सकते हैं।
2) ऑनलाइन पीपीएफ अकाउंट खोलने के लिए सबसे पहले आपको किसी बैंक या पोस्ट ऑफिस की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
3) अगर आपके बैंक अकाउंट में इंटरनेट बैंकिंग की सुविधा एक्टिवेट है तो आप आसानी से पीपीएफ अकाउंट के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
4) बैंक या पोस्ट ऑफिस की आधिकारिक वेबसाइट पर जाने के बाद, वहां लिखी पीपीएफ अकाउंट से जुड़ी आवश्यक नियम और शर्तों को जरूर पढ़ें। और उसके बाद ही ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया करें।

तो इस तरह से दोस्तों, आप ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यम के जरिए पीपीएफ अकाउंट खुलवा सकते हैं। दोनों ही माध्यम से पीपीएफ अकाउंट खुलवाने की प्रक्रिया बहुत आसान और सरल है। बताए गए स्टेप्स को फॉलो करके आप दोनों ही माध्यम में से जो भी आपको सरल लगे उसके द्वारा इस अकाउंट के लिए अप्लाई कर सकते हैं। मुझे उम्मीद है, आपको दोनों ही माध्यम की प्रक्रिया पूरी तरह से समझ में आ गई होगी। अगर आपके मन में पीपीएफ से सम्बंधित किसी भी प्रकार का सवाल है, तो आप बेझिझक कमेंट या कॉन्टैक्ट us पेज के जरिए हमसे पूछ सकते हैं।

पीपीएफ अकाउंट - अक्सर पूछें जाने वाले प्रश्न - FAQ

Q) पीपीएफ अकाउंट कहां खुलता है?
A) भारत के सभी राष्ट्रीयकृत बैंक और डाकघर में पीपीएफ अकाउंट खोलते हैं।

Q) पीपीएफ अकाउंट की अवधि क्या होती है?
A) इस स्कीम की अवधि 15 वर्ष की होती है। पर खाताधारक चाहे तो 5 साल के अंतराल में अवधि बढ़ा सकता है।

Q) पीपीएफ अकाउंट कौन खुलवा सकता है?
A) भारत के सभी नागरिक पीपीएफ अकाउंट खुलवा सकते हैं। नाबालिक की स्थिति में उसके अभिभावक के रूप में माता-पिता का होना अनिवार्य है।

Q) क्या दादा दादी अपने पोते पोती के लिए पीपीएफ अकाउंट खोल सकते हैं?
A) पीपीएफ नियम के अनुसार इसकी अनुमति नहीं दी जाती है। लेकिन यदि नाबालिक के माता-पिता की मृत्यु हो गई हो तो उस स्थिति में उन्हें कानूनी अभिभावक के रूप में नियुक्ति किया जा सकता है।

Q) पीपीएफ खाते में कितनी राशि जमा कर सकते हैं?
A) इसमें न्यूनतम ₹500 और अधिकतम ₹1,50,000 तक राशि जमा कर सकते हैं।

Q) अगर व्यक्ति का एक पीपीएफ अकाउंट है, तो क्या वह दूसरा पीपीएफ अकाउंट खुलवा सकता है?
A) जी नहीं, एक व्यक्ति केवल एक ही पीपीएफ अकाउंट खुलवा सकता है।

Q) इस योजना में जमा राशि पर कितना ब्याज मिलता है?
A) भारत सरकार ने पीपीएफ खाते के लिए वर्तमान ब्याज दर की घोषणा 7.6% प्रतिवर्ष की है, जो कि 1 जनवरी 2018 से प्रभावी है।

Conclusion

तो दोस्तों, अब आप PPF के बारे जान गए होंगे। पीपीएफ क्या हैं? पीपीएफ अकाउंट के फायदे? पीपीएफ अकाउंट के नियम? पीपीएफ और ईपीएफ में अंतर? पीपीएफ अकाउंट कैसे खुलवाए? इत्यादि। उम्मीद करता हूँ की आपको पोस्ट पसंद आई होगी। और मेरे बताये गए सभी बाते आपको समझ में भी आ गयी होंगी। अगर आपके मन में अभी भी कोई सवाल है, तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते है। पोस्ट पसंद आई हो तो प्लीज इस पोस्ट को अपने सभी दोस्तों के साथ सोशल मीडिया में जरूर शेयर करें। इसके अलावा THG को Follow करके सभी नए पोस्ट की जानकारी लगातार प्राप्त कर सकते है। 
Thanks / धन्यवाद 

सम्बंधित पोस्ट :

tech hindi gyan logo
पब्लिक प्रोविडेंट फंड क्या हैं - PPF अकाउंट के फायदे और इसके नियम? पीपीएफ और ईपीएफ में अंतर पब्लिक प्रोविडेंट फंड क्या हैं - PPF अकाउंट के फायदे और इसके नियम? पीपीएफ और ईपीएफ में अंतर Reviewed by Altamaz Ahmed on Sunday, January 19, 2020 Rating: 5

No comments:

We Request to all our Lovely Viewers & Readers, Please do not put any kind of Links in the Comments.

हम अपने सभी प्यारे दर्शकों और पाठकों से अनुरोध करते हैं, कृपया टिप्पणियों में किसी भी प्रकार के लिंक न डालें।

Powered by Blogger.